Class 9 Maths Chapter 1 Number System Notes

अध्याय 1: संख्या पद्धति (Number System)

संख्या पद्धति गणित का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इसी अध्याय की सहायता से हम विभिन्न प्रकार की संख्याओं को समझते हैं, उनका वर्गीकरण करते हैं तथा गणितीय समस्याओं को हल करने के लिए उनका उपयोग करते हैं।

📘 संख्या पद्धति क्या है?

संख्याओं को व्यवस्थित रूप से समझने, वर्गीकृत करने तथा उनके गुणों का अध्ययन करने की प्रणाली को संख्या पद्धति (Number System) कहा जाता है।

🔢 गणित में महत्व

गिनती, मापन, गणना, व्यापार, विज्ञान और तकनीक के लगभग सभी क्षेत्रों में संख्याओं का प्रयोग किया जाता है। इसलिए संख्या पद्धति गणित की आधारशिला मानी जाती है।

🎯 इस अध्याय में क्या सीखेंगे?

प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, पूर्णांक, परिमेय संख्याएँ, संख्या रेखा पर निरूपण तथा दो संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करना सीखेंगे।

इस अध्याय के मुख्य विषय

  • प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers)
  • पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers)
  • पूर्णांक (Integers)
  • परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers)
  • संख्या रेखा (Number Line)
  • दो संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करना
  • अभ्यास प्रश्नावली 1.1
महत्वपूर्ण: संख्या पद्धति का ज्ञान आगे आने वाले अध्यायों जैसे बहुपद (Polynomials), निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry), त्रिकोणमिति तथा बीजगणित को समझने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers)

गिनती करने के लिए जिन संख्याओं का उपयोग किया जाता है उन्हें प्राकृतिक संख्याएँ कहा जाता है।

प्राकृतिक संख्याएँ क्या हैं?

जब हम किसी वस्तु की संख्या गिनते हैं, जैसे किताबें, विद्यार्थी, पेड़, पेन आदि, तब जिन संख्याओं का प्रयोग करते हैं उन्हें प्राकृतिक संख्याएँ (Natural Numbers) कहते हैं।

N = {1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, ....}

प्राकृतिक संख्याओं की शुरुआत 1 से होती है और ये अनंत (∞) तक चलती रहती हैं।

प्राकृतिक संख्याओं की विशेषताएँ

विशेषता विवरण
आरंभ 1 से
अंत कोई अंत नहीं (अनंत)
शून्य शामिल? नहीं
ऋणात्मक संख्या? नहीं

उदाहरण

उदाहरण 1:

यदि किसी कक्षा में 35 विद्यार्थी हैं, तो 35 एक प्राकृतिक संख्या है।

उदाहरण 2:

यदि एक पुस्तकालय में 250 पुस्तकें हैं, तो 250 भी एक प्राकृतिक संख्या है।

संख्या रेखा पर प्राकृतिक संख्याएँ

संख्या रेखा (Number Line) पर प्राकृतिक संख्याएँ शून्य के दाईं ओर स्थित होती हैं।

0 → 1 → 2 → 3 → 4 → 5 → 6 → ...

महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्राकृतिक संख्याओं को Counting Numbers भी कहा जाता है।
  • इनकी शुरुआत 1 से होती है।
  • 0 प्राकृतिक संख्या नहीं है।
  • सभी प्राकृतिक संख्याएँ धनात्मक होती हैं।
  • प्राकृतिक संख्याओं की संख्या अनंत होती है।

पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers) और पूर्णांक (Integers)

प्राकृतिक संख्याओं में जब शून्य (0) को जोड़ दिया जाता है, तो पूर्ण संख्याएँ बनती हैं। इसके बाद ऋणात्मक संख्याओं को शामिल करने पर पूर्णांक प्राप्त होते हैं।

पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers)

हम जानते हैं कि प्राकृतिक संख्याएँ 1, 2, 3, 4, 5... से शुरू होती हैं। लेकिन जब हम इसमें 0 को भी शामिल कर लेते हैं, तो यह समूह पूर्ण संख्याएँ कहलाता है।

Whole Numbers (W)
W = {0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, ...}

अर्थात सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ होती हैं, लेकिन 0 केवल पूर्ण संख्या है, प्राकृतिक संख्या नहीं।

सामान्य उदाहरण

उदाहरण 1:

यदि आपके पास 5 किताबें हैं, तो 5 एक पूर्ण संख्या है।

उदाहरण 2:

यदि आपके पास कोई किताब नहीं है, तो किताबों की संख्या 0 होगी। इसलिए 0 भी एक पूर्ण संख्या है।

पूर्णांक (Integers) क्या होते हैं?

कई बार हमें नुकसान, तापमान में कमी या किसी ऋण को दिखाने के लिए ऋणात्मक संख्याओं की आवश्यकता होती है। जब पूर्ण संख्याओं के साथ ऋणात्मक संख्याएँ भी जोड़ दी जाती हैं, तब पूर्णांक (Integers) बनते हैं।

Integers (Z)
Z = {..., -4, -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, 4, ...}

वास्तविक जीवन का उदाहरण

बैंक खाता उदाहरण:

यदि आपके खाते में ₹500 हैं, तो इसे +500 लिखा जा सकता है।

यदि आपके खाते में ₹500 का कर्ज है, तो इसे -500 लिखा जाएगा।

इसी प्रकार ऋणात्मक संख्याएँ वास्तविक जीवन में बहुत उपयोगी होती हैं।

पूर्ण संख्याएँ और पूर्णांक में अंतर

पूर्ण संख्याएँ पूर्णांक
0, 1, 2, 3, 4... ..., -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3...
ऋणात्मक संख्याएँ नहीं होतीं ऋणात्मक संख्याएँ शामिल होती हैं
0 शामिल होता है 0 भी शामिल होता है

संख्या रेखा पर पूर्णांक

संख्या रेखा में 0 के दाईं ओर धनात्मक संख्याएँ होती हैं और बाईं ओर ऋणात्मक संख्याएँ होती हैं।

... -3 → -2 → -1 → 0 → 1 → 2 → 3 ...

बड़ा और छोटा पूर्णांक कैसे पहचानें?

संख्या रेखा पर जो संख्या दाईं ओर होती है, वह बड़ी मानी जाती है।

उदाहरण:

-2 और -5 में कौन बड़ा है?

संख्या रेखा पर -2, -5 के दाईं ओर स्थित है। इसलिए -2 बड़ा है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • 0 प्राकृतिक संख्या नहीं है, लेकिन पूर्ण संख्या है।
  • सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ होती हैं।
  • सभी पूर्ण संख्याएँ पूर्णांक होती हैं।
  • पूर्णांकों में धनात्मक और ऋणात्मक दोनों संख्याएँ शामिल होती हैं।
  • संख्या रेखा पर दाईं ओर स्थित संख्या हमेशा बड़ी होती है।

संख्या समूहों का संबंध (Relationship Between Number Sets)

गणित में विभिन्न प्रकार की संख्याएँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई होती हैं। इन्हें समझना Number System अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण भाग है।

संख्याओं का परिवार (Number Family)

अब तक हमने प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ और पूर्णांक पढ़ लिए हैं। ये सभी अलग-अलग समूह नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे के अंदर शामिल होते हैं।

Natural Numbers ⊂ Whole Numbers ⊂ Integers ⊂ Rational Numbers

इसे आसान भाषा में समझें

मान लीजिए आपके पास एक छोटा बैग है और उसके अंदर कुछ वस्तुएँ रखी हैं। फिर उस छोटे बैग को एक बड़े बैग में रख दिया गया। उसी तरह संख्या समूह भी एक-दूसरे के अंदर शामिल होते हैं।

उदाहरण:

संख्या 5 एक प्राकृतिक संख्या है।

क्योंकि 5 प्राकृतिक संख्या है, इसलिए वह पूर्ण संख्या भी होगी।

क्योंकि 5 पूर्ण संख्या है, इसलिए वह पूर्णांक भी होगी।

और 5 को 5/1 के रूप में लिखा जा सकता है, इसलिए वह परिमेय संख्या भी होगी।

अर्थात एक ही संख्या कई समूहों का हिस्सा हो सकती है।

समूहों का संबंध

संख्या Natural Whole Integer Rational
5
0
-3
2/5

True / False प्रकार के प्रश्न

बोर्ड परीक्षा और स्कूल परीक्षाओं में अक्सर संख्या समूहों के संबंध पर आधारित True/False प्रश्न पूछे जाते हैं।

प्रश्न: क्या सभी Whole Numbers, Natural Numbers होते हैं?

उत्तर: नहीं

क्योंकि 0 एक Whole Number है लेकिन Natural Number नहीं है।


प्रश्न: क्या सभी Integers, Rational Numbers होते हैं?

उत्तर: हाँ

क्योंकि प्रत्येक Integer को p/q के रूप में लिखा जा सकता है।

उदाहरण: -5 = -5/1

याद रखने की ट्रिक

सबसे छोटा समूह → Natural Numbers

उससे बड़ा → Whole Numbers

उससे बड़ा → Integers

सबसे बड़ा → Rational Numbers

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु

  • Natural Numbers हमेशा Whole Numbers का हिस्सा होते हैं।
  • Whole Numbers हमेशा Integers का हिस्सा होते हैं।
  • Integers हमेशा Rational Numbers का हिस्सा होते हैं।
  • 0 केवल Whole Number और Integer है, Natural Number नहीं।
  • हर Integer को Rational Number के रूप में लिखा जा सकता है।
  • True/False आधारित प्रश्न अक्सर परीक्षा में पूछे जाते हैं।

परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers)

संख्या पद्धति अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण भाग परिमेय संख्याएँ हैं। कक्षा 9 में आगे के अधिकांश प्रश्न इन्हीं पर आधारित होते हैं।

परिमेय संख्या क्या होती है?

ऐसी कोई भी संख्या जिसे p/q के रूप में लिखा जा सके, जहाँ p और q पूर्णांक (Integers) हों तथा q ≠ 0 हो, उसे परिमेय संख्या (Rational Number) कहते हैं।

परिभाषा:

यदि किसी संख्या को p/q के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ
  • p और q पूर्णांक हों
  • q = 0 न हो
तो वह संख्या परिमेय संख्या कहलाती है।

p और q का अर्थ

प्रतीक अर्थ
p अंश (Numerator)
q हर (Denominator)
q ≠ 0 हर कभी भी शून्य नहीं हो सकता

कुछ सामान्य उदाहरण

उदाहरण 1:

2/3 एक परिमेय संख्या है क्योंकि 2 और 3 दोनों पूर्णांक हैं तथा हर (3) शून्य नहीं है।


उदाहरण 2:

-5/7 भी परिमेय संख्या है क्योंकि -5 और 7 दोनों पूर्णांक हैं।


उदाहरण 3:

8 भी एक परिमेय संख्या है क्योंकि

8 = 8/1

और यह p/q के रूप में लिखा जा सकता है।

क्या शून्य (0) एक परिमेय संख्या है?

हाँ, शून्य एक परिमेय संख्या है क्योंकि इसे p/q के रूप में लिखा जा सकता है।

0 = 0/1

0 = 0/2

0 = 0/5

इन सभी स्थितियों में हर (Denominator) शून्य नहीं है।

इसलिए 0 एक परिमेय संख्या है।

हर (Denominator) में 0 क्यों नहीं हो सकता?

गणित में किसी भी संख्या को 0 से भाग नहीं दिया जा सकता।

5/0 ❌ मान्य नहीं है।

10/0 ❌ मान्य नहीं है।

-8/0 ❌ मान्य नहीं है।

इस प्रकार की संख्याएँ परिमेय संख्या नहीं कहलातीं।

पूर्णांकों को परिमेय संख्या के रूप में लिखना

हर पूर्णांक को परिमेय संख्या के रूप में लिखा जा सकता है।

पूर्णांक परिमेय रूप
5 5/1
-3 -3/1
10 10/1
0 0/1

रोजमर्रा की जिंदगी से उदाहरण

यदि आपने एक पिज्जा को 8 बराबर भागों में बाँटा और उनमें से 3 भाग खाए, तो आपने 3/8 पिज्जा खाया।

यह 3/8 एक परिमेय संख्या है।

इसी प्रकार आधा लीटर दूध = 1/2 लीटर और चौथाई किलो चीनी = 1/4 किलो भी परिमेय संख्याएँ हैं।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु

  • परिमेय संख्या हमेशा p/q के रूप में लिखी जा सकती है।
  • p और q दोनों पूर्णांक होने चाहिए।
  • हर (q) कभी भी 0 नहीं हो सकता।
  • 0 एक परिमेय संख्या है।
  • सभी पूर्णांक परिमेय संख्याएँ होते हैं।
  • 5/0, 10/0 जैसी संख्याएँ परिमेय नहीं होतीं।

संख्या रेखा पर परिमेय संख्याओं का निरूपण

परिमेय संख्याओं को केवल लिखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें यह भी पता होना चाहिए कि वे संख्या रेखा (Number Line) पर कहाँ स्थित होती हैं।

संख्या रेखा (Number Line) क्या है?

संख्या रेखा एक सीधी रेखा होती है जिस पर संख्याओं को क्रमबद्ध तरीके से दर्शाया जाता है।

← -3 ← -2 ← -1 ← 0 → 1 → 2 → 3 →

0 के दाईं ओर धनात्मक संख्याएँ होती हैं और 0 के बाईं ओर ऋणात्मक संख्याएँ होती हैं।

परिमेय संख्या को संख्या रेखा पर कैसे दर्शाएँ?

यदि कोई संख्या भिन्न (Fraction) के रूप में दी गई है, तो हर (Denominator) के आधार पर भाग बनाए जाते हैं और अंश (Numerator) के अनुसार आगे बढ़ा जाता है।

उदाहरण 1 : 2/3 को संख्या रेखा पर दर्शाइए

हमें 2/3 को Number Line पर दिखाना है।

  1. 0 और 1 के बीच की दूरी लें।
  2. हर (3) दिया गया है, इसलिए 0 और 1 के बीच 3 बराबर भाग करें।
  3. अंश (2) दिया गया है, इसलिए 0 से दो भाग आगे बढ़ें।
  4. जहाँ दूसरा भाग समाप्त होगा, वही 2/3 का स्थान होगा।

इस प्रकार 2/3 संख्या रेखा पर 0 और 1 के बीच स्थित होगी।

उदाहरण 2 : 5/9 को संख्या रेखा पर दर्शाइए

यहाँ हर = 9 है।

इसलिए 0 और 1 के बीच 9 बराबर भाग बनाए जाएँगे।

अब अंश = 5 है, इसलिए 0 से पाँचवें भाग तक जाएँगे।

वही बिंदु 5/9 को प्रदर्शित करेगा।

ऋणात्मक परिमेय संख्या का निरूपण

यदि संख्या ऋणात्मक हो, तो उसे 0 के बाईं ओर दर्शाया जाता है।

उदाहरण 3 : -2/5 को संख्या रेखा पर दर्शाइए

यह संख्या ऋणात्मक है इसलिए 0 और -1 के बीच स्थित होगी।

  1. 0 और -1 के बीच की दूरी लें।
  2. हर 5 है, इसलिए 5 बराबर भाग करें।
  3. अंश 2 है, इसलिए 0 से बाईं ओर दो भाग जाएँ।
  4. वहीं -2/5 का स्थान होगा।

एक आसान नियम

यदि Numerator < Denominator

तो संख्या 0 और 1 के बीच होगी (यदि संख्या धनात्मक है)।


यदि संख्या ऋणात्मक है

तो संख्या 0 और -1 के बीच होगी।

सामान्य गलतियाँ

  • हर के अनुसार बराबर भाग नहीं करना।
  • ऋणात्मक संख्या को दाईं ओर दर्शाना।
  • अंश और हर को उल्टा पढ़ लेना।
  • भागों की सही गिनती न करना।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु

  • Number Line पर Rational Numbers को दर्शाने के प्रश्न अक्सर परीक्षा में पूछे जाते हैं।
  • हर (Denominator) बराबर भागों की संख्या बताता है।
  • अंश (Numerator) आगे बढ़ने वाले भागों की संख्या बताता है।
  • धनात्मक संख्याएँ दाईं ओर तथा ऋणात्मक संख्याएँ बाईं ओर होती हैं।
  • 2/3, 5/9 और -2/5 जैसे प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

दो संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करना

किसी भी दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत (Infinite) परिमेय संख्याएँ होती हैं। परीक्षा में अक्सर इनके बीच निश्चित संख्या में परिमेय संख्याएँ निकालने को कहा जाता है।

महत्वपूर्ण अवधारणा

यदि हमारे पास दो परिमेय संख्याएँ हैं, तो उनके बीच केवल एक या दो नहीं बल्कि अनंत परिमेय संख्याएँ मौजूद होती हैं।

याद रखें:
दो परिमेय संख्याओं के बीच हमेशा अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं।

विधि 1 : दो पूर्ण संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ निकालना

प्रश्न: 3 और 4 के बीच 6 परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

  1. हमें 6 परिमेय संख्याएँ चाहिए।
  2. 6 में 1 जोड़ें → 6 + 1 = 7
  3. 3 और 4 को 7/7 से गुणा करें।
  4. 3 = 21/7 तथा 4 = 28/7

अब 21/7 और 28/7 के बीच की 6 परिमेय संख्याएँ होंगी:

परिमेय संख्याएँ
22/7
23/7
24/7
25/7
26/7
27/7

विधि 2 : दो भिन्नों के बीच परिमेय संख्याएँ निकालना

प्रश्न: 3/5 और 4/5 के बीच 5 परिमेय संख्याएँ ज्ञात कीजिए।

  1. 5 परिमेय संख्याएँ चाहिए।
  2. 5 + 1 = 6
  3. दोनों भिन्नों के ऊपर और नीचे 6 से गुणा करें।
  4. 3/5 = 18/30
  5. 4/5 = 24/30

अब इनके बीच की 5 परिमेय संख्याएँ होंगी:

परिमेय संख्याएँ
19/30
20/30
21/30
22/30
23/30

रोजमर्रा का सरल उदाहरण

मान लीजिए आपके पास ₹3 और ₹4 के बीच की कुछ कीमतें बताने को कहा जाए।

₹3.1, ₹3.2, ₹3.3, ₹3.4, ₹3.5 आदि सभी 3 और 4 के बीच आती हैं।

इसी प्रकार गणित में भी दो संख्याओं के बीच अनगिनत परिमेय संख्याएँ होती हैं।

शॉर्टकट ट्रिक

यदि n परिमेय संख्याएँ निकालनी हों, तो:

n + 1 करें और उसी संख्या से ऊपर-नीचे गुणा करें।

फिर प्राप्त नई भिन्नों के बीच की संख्याएँ लिख दें।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु

  • दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं।
  • n परिमेय संख्याएँ चाहिए हों तो n+1 का उपयोग किया जा सकता है।
  • भिन्नों के हर (Denominator) समान बनाना आवश्यक है।
  • 3 और 4 के बीच परिमेय संख्याएँ निकालना एक महत्वपूर्ण बोर्ड प्रश्न है।
  • 3/5 और 4/5 के बीच परिमेय संख्याएँ निकालने वाला प्रश्न भी अक्सर पूछा जाता है।

अभ्यास प्रश्नावली 1.1 के महत्वपूर्ण प्रश्न

अब तक हमने सभी मूलभूत अवधारणाएँ समझ ली हैं। आइए Exercise 1.1 के महत्वपूर्ण प्रश्नों को आसान भाषा में समझते हैं।

प्रश्न हल करने की सही रणनीति

Exercise 1.1 में मुख्य रूप से परिमेय संख्याओं की पहचान तथा दो संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ निकालने से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

प्रश्न 1:

क्या 0 एक परिमेय संख्या है? क्या इसे p/q के रूप में लिखा जा सकता है?

हल:

हमें पता है कि कोई संख्या p/q के रूप में लिखी जा सके तथा q ≠ 0 हो, तो वह परिमेय संख्या कहलाती है।

0 = 0/1

यहाँ p = 0 तथा q = 1 है।

1 शून्य नहीं है, इसलिए सभी शर्तें पूरी हो रही हैं।

अतः 0 एक परिमेय संख्या है।

प्रश्न 2:

क्या 5/0 एक परिमेय संख्या है?

हल:

परिमेय संख्या में हर (Denominator) कभी भी शून्य नहीं हो सकता।

5/0 ❌

क्योंकि यहाँ हर = 0 है, इसलिए यह संख्या परिमेय संख्या नहीं है।

अतः 5/0 परिमेय संख्या नहीं है।

प्रश्न 3:

क्या -7 एक परिमेय संख्या है?

हल:

हर पूर्णांक को p/q के रूप में लिखा जा सकता है।

-7 = -7/1

यहाँ p = -7 तथा q = 1 है।

दोनों पूर्णांक हैं तथा q ≠ 0 है।

अतः -7 एक परिमेय संख्या है।

प्रश्न 4:

3 और 4 के बीच कोई एक परिमेय संख्या लिखिए।

हल:

3 और 4 के बीच बहुत सारी परिमेय संख्याएँ होती हैं।

3.5 = 7/2

यह संख्या 3 से बड़ी तथा 4 से छोटी है।

अतः 7/2 एक परिमेय संख्या है जो 3 और 4 के बीच स्थित है।

प्रश्न 5:

2/5 और 3/5 के बीच कोई एक परिमेय संख्या ज्ञात कीजिए।

हल:

पहले दोनों भिन्नों को समान हर के साथ लिखते हैं।

2/5 = 4/10

3/5 = 6/10

अब इनके बीच 5/10 स्थित है।

अतः 5/10 या 1/2 उत्तर होगा।

Exam Tips

  • परिमेय संख्या की परिभाषा हमेशा याद रखें।
  • हर (Denominator) कभी भी 0 नहीं होना चाहिए।
  • 0 एक परिमेय संख्या है।
  • हर पूर्णांक एक परिमेय संख्या होता है।
  • दो परिमेय संख्याओं के बीच हमेशा अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं।
  • बोर्ड परीक्षा में परिभाषा आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

महत्वपूर्ण अवधारणाएँ एवं परीक्षा तैयारी

इस अध्याय में कुछ ऐसे तथ्य हैं जो लगभग हर परीक्षा में पूछे जाते हैं। यदि आप इन्हें अच्छी तरह याद कर लेते हैं, तो Number System अध्याय बहुत आसान हो जाएगा।

परिमेय संख्या पहचानने का सबसे आसान तरीका

किसी भी संख्या को देखकर ये तीन प्रश्न पूछिए:

  1. क्या इसे p/q के रूप में लिखा जा सकता है?
  2. क्या p और q पूर्णांक हैं?
  3. क्या q = 0 नहीं है?

यदि तीनों का उत्तर "हाँ" है, तो संख्या परिमेय संख्या है।

झटपट पहचानिए

संख्या परिमेय? कारण
5 ✔ हाँ 5 = 5/1
-8 ✔ हाँ -8 = -8/1
0 ✔ हाँ 0 = 0/1
7/9 ✔ हाँ p/q के रूप में है
4/0 ✘ नहीं हर = 0

विद्यार्थियों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ

गलती 1:

0 को परिमेय संख्या नहीं मानना।

सही तथ्य:

0 = 0/1 इसलिए 0 परिमेय संख्या है।


गलती 2:

हर (Denominator) में 0 लिख देना।

सही तथ्य:

किसी भी परिमेय संख्या में हर कभी 0 नहीं हो सकता।


गलती 3:

संख्या रेखा पर ऋणात्मक संख्या को दाईं ओर दिखाना।

सही तथ्य:

ऋणात्मक संख्याएँ हमेशा 0 के बाईं ओर होती हैं।

परीक्षा में अक्सर पूछे जाने वाले तथ्य

Fact 1:

सभी प्राकृतिक संख्याएँ पूर्ण संख्याएँ होती हैं।

Fact 2:

सभी पूर्ण संख्याएँ पूर्णांक होती हैं।

Fact 3:

सभी पूर्णांक परिमेय संख्याएँ होते हैं।

Fact 4:

0 प्राकृतिक संख्या नहीं है।

Fact 5:

0 पूर्ण संख्या, पूर्णांक तथा परिमेय संख्या है।

One Mark Questions के लिए Quick Revision

  • Natural Numbers = 1, 2, 3, 4...
  • Whole Numbers = 0, 1, 2, 3...
  • Integers = ..., -2, -1, 0, 1, 2...
  • Rational Numbers = p/q, जहाँ q ≠ 0
  • 0 एक Rational Number है।
  • हर Integer एक Rational Number है।
  • दो Rational Numbers के बीच Infinite Rational Numbers होते हैं।
  • Number Line में दाईं ओर की संख्या बड़ी होती है।

100% Score Strategy

यदि आप इस अध्याय में पूरे अंक प्राप्त करना चाहते हैं, तो निम्न बातों का अभ्यास अवश्य करें:

  • सभी परिभाषाएँ याद करें।
  • Number Line के प्रश्न बार-बार बनाएं।
  • दो संख्याओं के बीच Rational Numbers निकालने का अभ्यास करें।
  • Exercise 1.1 के सभी प्रश्न स्वयं हल करें।
  • Revision के समय केवल महत्वपूर्ण तथ्यों की सूची पढ़ें।

निष्कर्ष, मुख्य बिंदु एवं FAQs

अब आपने संख्या पद्धति (Number System) अध्याय के सभी महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन कर लिया है।

अध्याय का निष्कर्ष (Conclusion)

संख्या पद्धति गणित का मूल आधार है। इस अध्याय में हमने प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, पूर्णांक तथा परिमेय संख्याओं के बारे में सीखा।

इसके साथ ही संख्या रेखा पर परिमेय संख्याओं का निरूपण तथा दो संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करने की विधि भी समझी।

यह अध्याय आगे आने वाले बीजगणित, बहुपद, निर्देशांक ज्यामिति तथा अन्य गणितीय अध्यायों की नींव तैयार करता है।

Key Takeaways (मुख्य सीख)

  • Natural Numbers की शुरुआत 1 से होती है।
  • Whole Numbers में 0 शामिल होता है।
  • Integers में ऋणात्मक और धनात्मक दोनों संख्याएँ शामिल होती हैं।
  • Rational Number को p/q के रूप में लिखा जा सकता है।
  • q (Denominator) कभी भी 0 नहीं हो सकता।
  • 0 एक Rational Number है।
  • हर Integer एक Rational Number होता है।
  • दो Rational Numbers के बीच Infinite Rational Numbers होते हैं।

Chapter Revision Notes

संख्या समूह उदाहरण
Natural Numbers 1, 2, 3, 4...
Whole Numbers 0, 1, 2, 3...
Integers ..., -2, -1, 0, 1, 2...
Rational Numbers 2/3, -5/7, 4, 0

Important Exam Points

  • 0 Natural Number नहीं है।
  • 0 Whole Number, Integer और Rational Number है।
  • 5/0 परिमेय संख्या नहीं है।
  • हर Rational Number को p/q के रूप में लिखा जा सकता है।
  • Number Line में दाईं ओर की संख्या बड़ी होती है।
  • Exercise 1.1 के प्रश्न परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. क्या 0 एक परिमेय संख्या है?

हाँ, क्योंकि 0 को 0/1 के रूप में लिखा जा सकता है।

Q2. क्या 0 एक प्राकृतिक संख्या है?

नहीं, प्राकृतिक संख्याओं की शुरुआत 1 से होती है।

Q3. क्या सभी पूर्णांक परिमेय संख्याएँ होती हैं?

हाँ, क्योंकि प्रत्येक पूर्णांक को p/q के रूप में लिखा जा सकता है।

उदाहरण: 8 = 8/1

Q4. क्या 5/0 एक परिमेय संख्या है?

नहीं, क्योंकि किसी भी परिमेय संख्या में हर (Denominator) शून्य नहीं हो सकता।

Q5. दो परिमेय संख्याओं के बीच कितनी परिमेय संख्याएँ होती हैं?

दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत (Infinite) परिमेय संख्याएँ होती हैं।

Q6. Number Line में बड़ी संख्या कैसे पहचानते हैं?

जो संख्या Number Line पर दाईं ओर स्थित होती है, वह बड़ी मानी जाती है।

Final Summary

इस अध्याय में आपने Number System की पूरी आधारभूत जानकारी प्राप्त की। अब आप Natural Numbers, Whole Numbers, Integers तथा Rational Numbers की पहचान कर सकते हैं, Number Line पर उन्हें दर्शा सकते हैं तथा दो संख्याओं के बीच Rational Numbers ज्ञात कर सकते हैं।

यदि आप Exercise 1.1 के सभी प्रश्नों का नियमित अभ्यास करते हैं, तो इस अध्याय से संबंधित लगभग सभी परीक्षा प्रश्न आसानी से हल कर सकेंगे।

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