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Ancient Indian History Notes in Hindi भारत का इतिहास दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यताओं में से एक माना जाता है। Ancient Indian History केवल राजाओं और युद्धों की कहानी नहीं बल्कि मानव सभ्यता, संस्कृति, समाज और धर्म के विकास की कहानी भी है। UPSC, SSC, PCS, Railway तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में Ancient History से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इस पोस्ट में हम प्रागैतिहासिक काल से लेकर सिंधु घाटी सभ्यता और वैदिक काल तक की महत्वपूर्ण जानकारी सरल भाषा में समझेंगे। इस पोस्ट में आप जानेंगे: प्रागैतिहासिक काल पाषाण युग सिंधु घाटी सभ्यता वैदिक काल महत्वपूर्ण तथ्य एवं परीक्षा नोट्स प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Period) प्रागैतिहासिक काल वह समय था जब मनुष्य ने लेखन कला का आविष्कार नहीं किया था। इस काल की जानकारी मुख्य रूप से पुरातात्विक साक्ष्यों से मिलती है। प्रागैतिहासिक काल के भाग पुरापाषाण काल मध्यपाषाण काल नवपाषाण काल इस समय मानव शिकार, भोजन संग्रह और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर था। पुरापाषाण काल (Palaeolithic Age) पुरापाषाण काल को Old Stone Age भी कहा जाता है। यह मानव इतिहास का सबसे लंबा काल था। मुख्य विशेषताएँ पत्थर के औजारों का उपयोग गुफाओं में निवास शिकार और भोजन संग्रह आग की खोज सामूहिक जीवन महत्वपूर्ण स्थल भीमबेटका गुफाएँ बेलन घाटी पल्लवरम भीमबेटका की गुफाओं में प्राचीन चित्रकारी मिली है जो उस समय की जीवनशैली को दर्शाती है। मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age) Microliths का उपयोग पशुपालन की शुरुआत शिकार और मछली पकड़ना गुफा चित्रकारी महत्वपूर्ण स्थल बागोर आदमगढ़ मिर्जापुर नवपाषाण काल (Neolithic Age) इस काल में मानव भोजन संग्रहकर्ता से भोजन उत्पादक बन गया। कृषि की शुरुआत पशुपालन पहिए का आविष्कार स्थायी निवास मिट्टी के बर्तनों का उपयोग महत्वपूर्ण स्थल मेहरगढ़ चिरांद बुर्जहोम ताम्रपाषाण काल (Chalcolithic Age) इस काल में पत्थर और तांबे दोनों का उपयोग किया जाता था। तांबे के औजार कृषि और पशुपालन मिट्टी के रंगीन बर्तन गाँव आधारित समाज प्रमुख संस्कृतियाँ आहड़ संस्कृति मालवा संस्कृति जोरवे संस्कृति मेगालिथिक संस्कृति बड़े पत्थरों से कब्र निर्माण लोहे का उपयोग लाल और काले बर्तन सामाजिक विभाजन के संकेत सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) सिंधु घाटी सभ्यता भारत की पहली नगरीय सभ्यता मानी जाती है। खोज 1921 में दयाराम साहनी ने हड़प्पा की खोज की। 1922 में राखालदास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो की खोज की। मुख्य विशेषताएँ नगर नियोजन पक्की ईंटों के मकान जल निकासी प्रणाली सार्वजनिक स्नानागार मोहनजोदड़ो का Great Bath विश्व प्रसिद्ध है। सिंधु सभ्यता की अर्थव्यवस्था गेहूं और जौ की खेती कपास उत्पादन समुद्री व्यापार लोथल बंदरगाह कला और संस्कृति कांस्य नर्तकी दाढ़ी वाले पुजारी की मूर्ति मुहरें और पशु चित्र धार्मिक विशेषताएँ मातृ देवी पूजा पशुपति पूजा वृक्ष पूजा पशु पूजा वैदिक काल (Vedic Period) सिंधु सभ्यता के बाद वैदिक सभ्यता का विकास हुआ। वैदिक काल के भाग ऋग्वैदिक काल उत्तर वैदिक काल ऋग्वेद ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है जिसमें 10 मंडल और 1028 सूक्त हैं। समाज और राजनीति राजा को राजन कहा जाता था। सभा और समिति महत्वपूर्ण संस्थाएँ थीं। पशुपालन मुख्य व्यवसाय था। स्त्रियों को सम्मान प्राप्त था। प्रमुख देवता इंद्र अग्नि वरुण सोम दशराज्ञ युद्ध ऋग्वैदिक काल का प्रसिद्ध युद्ध माना जाता है। प्राचीन भारतीय इतिहास (Ancient Indian History) सम्पूर्ण अध्ययन भारत का इतिहास विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक माना जाता है। प्राचीन भारतीय इतिहास केवल राजाओं और युद्धों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता, संस्कृति, धर्म, समाज, अर्थव्यवस्था और ज्ञान-विज्ञान के विकास की कहानी भी है। UPSC, SSC, PCS, Railway, NDA तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में Ancient Indian History से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इसलिए इस विषय को गहराई से समझना अत्यंत आवश्यक है। प्राचीन भारतीय इतिहास की शुरुआत प्रागैतिहासिक काल से होती है। इसके बाद सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक काल, महाजनपद, मौर्य साम्राज्य, गुप्त साम्राज्य और दक्षिण भारतीय राज्यों का विकास हुआ। भारत की प्राचीन सभ्यता ने विश्व को गणित, विज्ञान, धर्म, दर्शन और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सम्पूर्ण अध्ययन में शामिल विषय: प्रागैतिहासिक काल पाषाण युग ताम्रपाषाण एवं मेगालिथिक संस्कृति सिंधु घाटी सभ्यता वैदिक काल महाजनपद काल मौर्य साम्राज्य गुप्त साम्राज्य दक्षिण भारतीय राज्य प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Period) प्रागैतिहासिक काल वह समय था जब मनुष्य ने लेखन कला विकसित नहीं की थी। इस काल की जानकारी हमें पुरातात्विक साक्ष्यों से मिलती है जैसे पत्थर के औजार, गुफाएँ, हड्डियाँ और चित्रकारी। प्रागैतिहासिक काल के भाग पुरापाषाण काल मध्यपाषाण काल नवपाषाण काल पुरापाषाण काल यह मानव इतिहास का सबसे लंबा काल था। इस समय मानव शिकार और भोजन संग्रह पर निर्भर था। पत्थर के औजारों का उपयोग किया जाता था तथा लोग गुफाओं में रहते थे। आग की खोज सामूहिक जीवन शिकार मुख्य व्यवसाय भीमबेटका गुफाएँ महत्वपूर्ण स्थल मध्यपाषाण काल यह संक्रमण काल था। इस समय छोटे पत्थर के औजारों का उपयोग होने लगा जिन्हें Microliths कहा जाता है। पशुपालन की शुरुआत मछली पकड़ना गुफा चित्रकारी अर्ध-स्थायी जीवन नवपाषाण काल इस काल में मानव भोजन संग्रहकर्ता से भोजन उत्पादक बन गया। कृषि और पशुपालन की शुरुआत इसी समय हुई। कृषि का विकास पहिए का आविष्कार स्थायी निवास मिट्टी के बर्तनों का उपयोग ताम्रपाषाण काल और मेगालिथिक संस्कृति ताम्रपाषाण काल में पत्थर और तांबे दोनों का उपयोग किया जाता था। इस समय गाँव आधारित समाज विकसित हुआ। तांबे के औजार कृषि और पशुपालन मिट्टी के रंगीन बर्तन गाँव आधारित जीवन मेगालिथिक संस्कृति में बड़े पत्थरों का उपयोग कब्र और स्मारक बनाने के लिए किया जाता था। लोहे का उपयोग कब्र निर्माण सामाजिक विभाजन के संकेत सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) सिंधु घाटी सभ्यता भारत की पहली नगरीय सभ्यता मानी जाती है। यह लगभग 2600 ईसा पूर्व विकसित हुई। इसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है। खोज 1921 में दयाराम साहनी ने हड़प्पा की खोज की। 1922 में राखालदास बनर्जी ने मोहनजोदड़ो की खोज की। प्रमुख नगर हड़प्पा मोहनजोदड़ो लोथल कालीबंगन धोलावीरा नगर नियोजन सिंधु सभ्यता की नगर व्यवस्था अत्यंत विकसित थी। चौड़ी सड़कें पक्की ईंटों के मकान जल निकासी प्रणाली सार्वजनिक स्नानागार मोहनजोदड़ो का Great Bath विश्व की प्राचीनतम सार्वजनिक जल संरचनाओं में से एक माना जाता है। अर्थव्यवस्था गेहूं और जौ की खेती कपास उत्पादन समुद्री व्यापार लोथल बंदरगाह कला और संस्कृति कांस्य नर्तकी दाढ़ी वाले पुजारी की मूर्ति मुहरें और पशु चित्र धार्मिक विशेषताएँ
